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बर्ड फ्लू : दो दिनों में 60 फीसदी घटी चिकन, अंडे की मांग

नई दिल्ली, 7 जनवरी | कोरोना की मार से देश की पोल्ट्री इंडस्ट्री अब तक पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब बर्ड फ्लू के प्रकोप का शिकार बन गई है। बर्ड फ्लू के हालिया प्रकोप की खबर के बाद देश में चिकन और अंडे की मांग करीब 60 फीसदी घट गई है जिसका असर इनके दाम पर तो पड़ा ही है, पोल्ट्री कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयर में भी बीते दो दिनों में गिरावट आई है।

पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट रमेश खत्री ने आईएएनएस को बताया कि बीते दो दिनों में पोल्ट्री उत्पाद यानी चिकन और अंडे की मांग करीब 60 फीसदी गिर गई है जिससे इनकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते हफ्ते जहां एक बर्ड यानी मुर्गा का थोक भाव 100 रुपये किलो था, वो अब घटकर 60 रुपये प्रति किलो पर आ गया है।

बर्ड फ्लू की रिपोर्ट मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और केरल में आई है जहां मुर्गों में अब तक बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चिकन और अंडे की बिक्री पर पूरे देश में असर पड़ा है।

बिहार के सीवान जिले के पोल्ट्री फार्म संचालक दूध किशोर सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले तक अंडे का भाव 570 से 585 रुपये प्रति सैकड़ा था जो घटकर बुधवार को 535 रुपये प्रति सैकड़ा पर आ गया है और अभी बिक्री तकरीबन ठप पड़ गई है जिससे कीमतों में और गिरावट हो सकती है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू के डर से खुदरा विक्रेता चिकन और अंडे नहीं खरीद रहे हैं क्योंकि उनकी भी बिक्री नहीं हो रही है।

यही नहीं, पोल्ट्री कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी बीते दो दिनों से गिरावट आई है। भारत में पोल्ट्री कारोबार से जुड़ी एक बड़ी कंपनी वेंकी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर गुरुवार दोपहर हालांकि 1.45 बजे बीते सत्र से 0.36 फीसदी की रिकवरी के साथ 1,565 रुपये प्रति शेयर पर बना हुआ था जबकि इससे पहले 1,524.80 रुपये पर खुलने के बाद 1,495.10 रुपये तक लुढ़का। मौजूदा भाव को भी देखें तो दो दिनों में कंपनी के शेयर में 100 रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत आने वाले भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) से नमूनों की पुष्टि होने के बाद चार राज्यों में 12 जगहों पर बर्ड फ्लू यानी एवियन एन्फ्लूएंजा (एआई) की रिपोर्ट आई है जबकि हरियाणा के बरवाला में भी बीते 25 दिनों में 43,0267 पक्षियों की मौत हुई है और परीक्षण के लिए नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए हैं मगर परीक्षण के नतीजे नहीं आए हैं। यह जानकारी केंद्रीय पशुपालन, मत्स्यपालन और डेयरी मंत्रालय ने बुधवार को दी।

राजस्थान में बारां, कोटा और झालावार में कौव्वों में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट है वहीं, मध्यप्रदेश के मंदसौर, इंदौर और मालवा में भी कौव्वों में ही बल्र्ड फ्लू की रिपोर्ट है। जबकि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट है। दक्षिण भारत स्थित केरल के कोट्टायम और आलापुझा में चार जगहों पर पोल्ट्री डक यानी घरेलू बत्तख में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट है।

मंत्रालय के अनुसार इन राज्यों में बर्ड फ्लू की रोकथाम के उपायों को अमल में लाया जा रहा है जिसके तहत पक्षियों को मारने का काम जारी है। इसके अलावा अन्य राज्यों को भी पक्षियों की असमान्य मौत पर निगाहें रखने और आवश्यक कदम उठाने के लिए शीघ्र रिपोर्ट करने को कहा गया है।

मंत्रालय की ओर से एक बात और स्पष्ट की गई है कि संदूषित पोल्ट्री उत्पाद खाने से मानव में एआई वायरस के संचरित होने का कोई सीधा प्रमाण नहीं है। हालांकि सफाई व स्वच्छता बनाए रखना और रसोई बनाने व प्रसंस्करण के मानक एआई वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए प्रभावकारी है।

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